मोबाइल और रील्स के दौर में बच्चों को संस्कारी बनाने की पहल : शक्तिधाम में लगा ‘बाल समागम शिविर’

0
5
Spread the love

राजनांदगांव। आज के इस डिजिटल युग में जहां बच्चे स्कूली पढ़ाई के बोझ के साथ-साथ मोबाइल और सोशल मीडिया रील्स के जाल में फंसकर अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं माता-पिता भी भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। बच्चों को इस भटकाव से बचाने और उनमें अच्छे संस्कारों के बीज बोने के लिए शहर के वार्ड नंबर-1, बाबुटोला स्थित शक्तिधाम अघोर शोध एवं जनकल्याण आश्रम ने एक बड़ी और सराहनीय पहल की है।
आश्रम में परमपूज्य गुरुदेव एवं गुरुमाता के सानिध्य में ‘बाल समागम शिविर’ का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को धर्म, संस्कृति और जीवनोपयोगी संस्कारों का पाठ पढ़ाया गया। इस अनूठी पहल की सफलता को देखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि आश्रम में प्रत्येक रविवार को बच्चों की विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी।
शिविर में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इन महत्वपूर्ण विषयों पर ट्रेनिंग दी गई, जिसमें वर्तमान समय में बढ़ रहे अनाचार और अपराधों को देखते हुए बच्चों को अपने, आस-पड़ोस के या किसी अनजान व्यक्ति के गलत व्यवहार को पहचानने और सजग रहने की सीख दी गई। आज के कॉम्पिटिटिव दौर को ध्यान में रखते हुए बच्चों की तार्किक क्षमता और बौद्धिक विकास के लिए वैदिक विज्ञान व सामान्य ज्ञान की जानकारी दी गई। शरीर को स्वस्थ और मन को एकाग्र रखने के लिए बच्चों को योग-प्राणायाम कराया गया, साथ ही विपरीत परिस्थितियों में खुद की रक्षा करने के गुर सिखाए गए। बच्चों को परिवार, समाज और अपने धर्म के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी गई। बच्चों के भीतर देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाया गया।
शक्तिधाम आश्रम की इस अभिनव पहल को लेकर पालकों में भारी उत्साह देखने को मिला। शिविर में पहुंचे पालकों ने गुरुदेव और गुरुमाता के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। पालकों ने कहा कि बच्चों को कॉन्वेंट और उच्च स्तरीय शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे संस्कारों से दूर हो रहे हैं। ऐसे में यह शिविर उनके लिए बेहद जरूरी है। पालकों ने इस अभियान को अनवरत जारी रखने की अपील की है और आने वाले समय में इसे और बड़े व भव्य रूप में आयोजित करने के लिए अपनी पूरी सहमति दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed