राजीव दीक्षित मंच ने जयंती व पुण्यतिथि पर राजीव भाई को याद किया

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राजनांदगांव। मैं भारत को भारत की भारतीयता के आधार पर फिर से खड़ा करना चाहता हूं, और उस काम में लगा हुआ हूं। उपरोक्त कथन से अपना परिचय देने वाले स्वदेशी की अवधारणा को अपने में समाहित कर लेने वाले आजादी बचाओ आन्दोलन के प्रखर व मुखर वक्ता भाई राजीव दीक्षित जी की पुण्यतिथि व जन्मतिथि के अवसर पर राजीव दीक्षित मंच-छत्तीसगढ़ ने स्वदेशी विचार संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
माता-पिता श्रीमती मिथिलेश कुमारी, राधेश्याम दीक्षित के घर पर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 30 नवम्बर, 1967 जन्म लिए राजीव जी की मृत्यु 30 नवम्बर, 2010 को तिरालीस वर्ष की अवस्था में छत्तीसगढ़ प्रदेश के भिलाई नगर में हुई थी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से एम टेक की शिक्षा प्राप्त करने उपरांत वे स्वदेशी की विचारधारा से प्रेरित हुए तथा राष्ट्र हित में विभिन्न आंदोलनों के सूत्रधार हुए। स्वदेशी का अलख जगाने उन्होंने पूरे देशभर की यात्राएं कर संपर्क अभियान चलाया। काफी समय पूर्व साहित्यिक तपोभूमि नगरी राजनांदगांव के जैन-बगीचा में भी वे अपने आख्यान हेतु आमंत्रित हुए हैं। यह उनकी सत्तावनवी जयंती तथा पंद्रहवीं पुण्यतिथि है।
मंच के संस्थापक अध्यक्ष श्री आनन्दकुमार श्रीवास्तव ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय लेबर कालोनी के सामुदायिक भवन के हाल में संपन्न इस कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने भाई राजीव दीक्षित जी के तैल चित्र पर तिलक व माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वक्तागण आरपी श्रीवास्तव समाजसेवी, राकेश कुमार सोनी छात्र-पंचगव्य चिकित्सा, बसंत साहू ट्रेड यूनियन लीडर आदि ने भी भाई राजीव दीक्षित जी के राष्ट्रहित में अवदानों को कृतज्ञ भाव से याद करते हुए अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के आयोजन में स्नेहिल सहयोग प्रदान करने हेतु वार्ड पार्षद संतोष पिल्ले, पूर्व पार्षद लालबाग व समाजसेवी गुरमुख सिंह वाधवा, रमेश कुमार अवचट किराना स्टोर, नरेश कुमार श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, जयशंकर श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव आदि सहित सभी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोगियों का राजीव दीक्षित मंच-छत्तीसगढ़ ने कृतज्ञतापूर्वक आभार व्यक्त किया।

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