जूनियर नेशनल बास्केटबॉल : छत्तीसगढ़ की बेटियों ने जीता गोल्ड मेडल, फाइनल में केरल को दी शिकस्त

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राजनांदगांव। पंडुचेरी में बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) द्वारा पंडुचेरी बास्केटबॉल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने इतिहास रच दिया है। छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में केरल की मजबूत टीम को बेहद रोमांचक संघर्ष में 55-51 अंकों से परास्त कर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा जमाया।
खिताबी मुकाबले में छत्तीसगढ़ की ओर से दिव्या रंगारी ने शानदार खेल दिखाते हुए सर्वाधिक 22 अंक बटोरे। वहीं कप्तान अंजलि कोडापे ने 14 अंक, रूमी कोनवर और अंजनी ने 7-7 अंक, अदिति कोडापे ने 3 अंक तथा सारा सिंह ने 2 अंक का योगदान देकर टीम की जीत में महती भूमिका निभाई। मैच के दौरान सोफी सिका एवं नंदनी माधो प्रधान का भी रक्षात्मक और आक्रामक प्रदर्शन सराहनीय रहा।
स्वर्ण पदक के सफर में छत्तीसगढ़ की टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा। टीम ने सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में कर्नाटक को 67-62 से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया था। इससे पहले मर्टर फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र की टीम को एकतरफा मुकाबले में 56-44 अंकों से धूल चटाई थी। लीग मैचों में भी छत्तीसगढ़ ने उलटफेर करते हुए पिछले कई सालों से लगातार गोल्ड मेडल जीत रही तमिलनाडु और कर्नाटक जैसी दिग्गज टीमों को शिकस्त दी थी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ में आपसी विवाद होने के कारण बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने यहां के खिलाड़ियों के भविष्य को देखते हुए एक एड हॉक कमेटी (तदर्थ समिति) बनाई है। इस राष्ट्रीय समिति ने बिना किसी स्थानीय पक्षपात और दखल के प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया।
इस टीम को बीएफआई की चयन समिति के चेयरमैन शक्ति सिंह गोहिल और देश के दिग्गज बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे ध्यानचंद अवार्ड (लाइफटाइम अचीवमेंट) से सम्मानित रामकुमार ने मिलकर चुना था। रामकुमार भारतीय टीम के कप्तान, रेलवे के कप्तान, कोच, चयनकर्ता और खेलो इंडिया टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कमेटी के सदस्य भी हैं। निष्पक्ष चयन का ही नतीजा रहा कि वर्षों बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विजेता छत्तीसगढ़ की बालिका टीम में राजनांदगांव के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। टीम की रीढ़ माने जाने वाली खिलाड़ी अंजलि कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका और नंदनी माधो प्रधान राजनांदगांव की सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी की छात्राएं हैं। ये सभी खिलाड़ी दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) राजनांदगांव में पढ़ती हैं, जहां स्कूल प्रबंधन ने खेल को बढ़ावा देने के लिए इन्हें निःशुल्क प्रवेश दिया है।
अंजलि कोडापे (कप्तान), अदिति कोडापे, अंजनी, रूमी कोनवर, सोफी सिका, नंदनी माधो प्रधान (सभी सर्वज्ञ राव एकेडमी राजनांदगांव), नताशा प्रजापति (साई ट्रेनिंग सेंटर राजनांदगांव), दिव्या रंगारी (महासमुंद), पारूल वर्मा व नित्या पांडे (रायपुर), कलश झा एवं सारा सिंह (भिलाई), टीम के मुख्य कोच अंतर्राष्ट्रीय कोच कालवा राजेश्वर राव, सहायक कोच लुमेंद्र साहू (एसईसीआर) और टीम मैनेजर अनीता तिर्की (सरगुजा) रहीं। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

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