मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का खोला पिटारा, मोनू बहादुर ने जताया आभार
राजनांदगांव। बीते सोमवार संस्कारधानी की पावनधारा पर पधारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 510 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया और विकास को एक नई दिशा दी। इतने बड़े और वृहद विकास कार्यों के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री मोनू बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजनांदगांव के लोकप्रिय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह, प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव, लोकप्रिय सांसद संतोष पांडेय सहित पूरे भाजपा नेतृत्व का आभार जताया है।
मोनू बहादुर सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में विकास कार्यों की गंगा बहाने का काम पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने किया था और लगातार पंद्रह वर्षों तक प्रदेश में विकास की गंगा बहती रही और अब मौजूदा मुख्यमत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रदेश के विकास को नए आयाम दिए हैं।
मोनू बहादुर सिंह ने सभी का ह्रदय से आभार जताते हुए कहा कि 19 गांवों के 8 हजार एकड़ में सिंचाई क्षमता बढ़ाने की सोच, शिवनाथ नदी पर सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण, सोयाबीन उत्पादन के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर, मोहारा मेला ग्राउंड से ऑक्सीजोन तक ब्रिज का निर्माण ये सभी कार्य ना सर भाजपा सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं, बल्कि यह साबित भी करते हैं कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो जाती धर्म से ऊपर उठाकर केवल विकास की राह पर चलती है।
मोनू ने आगे कहा कि कुमरदा, गैंदाटोला, कल्लूबंजारी में छप्पन करोड़ की लागत से सड़क निर्माण की सौगात विकास कार्यों की कड़ी में मील का पत्थर साबित होगी।
मोनू ने सभी का आभार जताने के अलावा यह भी कहा कि भाजपा की सरकार ही एक ऐसी सरकार है, जहां समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति मि्ंटल की दर और प्रति एकड़ 21 मि्ंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। सरकार द्वारा योजनाओं को धरातल स्तर पर क्रियान्वित किया जा रहा है।
मोनू ने कहा कि राजनांदगांव वासियों को सोमवार को 510 करोड़ 89 लाख 16 हजार रूपए की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि 114 करोड़ रूपए की लागत से शिवनाथ व्यपवर्तन योजना से धामनसरा, भर्रेगांव, जंगलेशर सहित 19 गांव को इस योजना से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले 1641 एकड़ में सिंचाई हो रही थी, लेकिन लाईनिंग कार्य होने पर 7870 एकड़ में सिंचाई होगी और इन सब कार्यों से ना सिर्फ राजनांदगांव को प्रदेश में अलग पहचान मिलेगी, बल्कि आम जनता की आर्थिक स्तिथि में भी बड़ा सुधार होगा।
