युवाओं पर लाठीचार्ज तानाशाही की पराकाष्ठा, सत्ता के अहंकार में चूर है सरकार : अब्दुल कलाम खान
राजनांदगांव। देश का युवा आज कोई अनुचित मांग नहीं कर रहा है। वह केवल निष्पक्ष परीक्षाएं, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, समय पर नियुक्तियां और अपने भविष्य की सुरक्षा चाहता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो युवा सरकार से जवाबदेही मांग रहे हैं, उन्हें संवाद और समाधान के बजाय पुलिस की लाठियों और आंसू गैस का सामना करना पड़ रहा है। सत्ता के अहंकार में चूर केंद्र सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि युवाओं की आवाज को लाठी के दम पर दबाया नहीं जा सकता। यह बात राष्ट्रीय समन्वयक व प्रभारी (राजस्थान-ओडिशा प्रदेश) अब्दुल कलाम खान ने जारी एक बयान में कही।
अब्दुल कलाम खान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और भविष्य के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हजारों युवाओं, महिलाओं और बच्चों पर दिल्ली पुलिस द्वारा निर्ममता से लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए। यह पूरी तरह से अमानवीय और निंदनीय है।
खान ने कहा कि युवाओं की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के समक्ष प्रदर्शन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव प्रियंका गांधी सहित अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं को जबरन हिरासत में ले लिया गया। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का सीधा हनन है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी दमनकारी नीतियां अपना ले, लेकिन युवाओं के अधिकारों की लड़ाई रुकने वाली नहीं है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में युवाओं के हक की यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से लड़ी जाएगी।
