बालोद में 53 पेटी शराब के कथित अवैध परिवहन का मामला : आबकारी विभाग की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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Shamsul Aalam
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राजनांदगांव। जनता युवा कांग्रेस (जोगी) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम ने बालोद जिले की एक शराब दुकान से कथित रूप से 53 पेटी शराब के अवैध बिक्री/परिवहन से जुड़े मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शमसुल आलम ने बताया कि 25 जुलाई 2025 को बालोद जिले की एक आबकारी शराब दुकान से 53 पेटी शराब के अवैध रूप से बिक्री/परिवहन का मामला सामने आया था। मामले में धमतरी के अर्जुनी थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई थी तथा शराब जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त प्रकरण में आबकारी उपनिरीक्षक आसाराम चाक्य की संलिप्तता अथवा मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान संबंधित शराब दुकान पर छापेमारी की गई और दुकान के कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई।
शमसुल आलम ने कहा कि शराब की अवैध बिक्री एवं परिवहन जैसे गंभीर मामलों में यदि विभागीय अधिकारियों की जानकारी, मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ऐसे मामलों से न केवल शासन के राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि अवैध शराब के कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है।
उन्होंने आबकारी आयुक्त से मांग की है कि संबंधित आबकारी उपनिरीक्षक की भूमिका की विभागीयध्निष्पक्ष जांच कराई जाए। बालोद की संबंधित शराब दुकान की गतिविधियों एवं अभिलेखों की जांच की जाए। 53 पेटी शराब के प्रकरण में हुई कार्रवाई एवं बरामदगी की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए। संबंधित आबकारी अधिकारियों की जानकारीए पर्यवेक्षण एवं संभावित मिलीभगत की जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभागीय निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
शमसुल आलम ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी को पूर्वाग्रहपूर्वक दोषी ठहराना नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही, मिलीभगत अथवा संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि शासन का राजस्व सुरक्षित रहे और अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लग सके।

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