सड़कों पर गौवंश की मौतों पर हिंदू जागरण मंच ने जताई चिंता, आईजी को सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर बढ़ते गौवंश के जमावड़े को लेकर हिंदू जागरण मंच जिला राजनांदगांव ने चिंता जताई है। मंच ने सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश की हो रही मौतों के लिए जिम्मेदारी तय करने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आईजी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रशासन से गौवंश की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।

हिंदू जागरण मंच का कहना है कि आसपास के गांवों से कुछ पशुपालकों द्वारा मवेशियों को खुले में छोड़ दिया जाता है। इसके कारण भोजन और आश्रय की तलाश में बड़ी संख्या में गौवंश शहर की सड़कों और प्रमुख चौक-चौराहों तक पहुंच रहे हैं। सड़कों पर बैठे और घूमते मवेशियों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है तथा वाहन चालकों और राहगीरों के सामने दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

मंच के अनुसार पिछले एक माह में सड़क दुर्घटनाओं में 50 से अधिक गौवंश की मौत होने की जानकारी सामने आई है। संगठन ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

गौशाला और संरक्षण केंद्र बनाने की मांग

हिंदू जागरण मंच ने राजनांदगांव शहर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त क्षमता वाले गौशाला अथवा गौ संरक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की है। संगठन ने सड़कों पर मौजूद गौवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नियमित अभियान चलाने और घायल पशुओं के उपचार की समुचित व्यवस्था करने की भी मांग की।

संगठन का कहना है कि पशुपालकों को भी मवेशियों को खुले में छोड़ने के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों के माध्यम से अभियान चलाने तथा बार-बार मवेशियों को सार्वजनिक सड़कों पर छोड़ने वालों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

यातायात और गौवंश, दोनों की सुरक्षा जरूरी

मंच ने कहा कि यह मामला केवल यातायात व्यवस्था का नहीं, बल्कि गौवंश की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। विशेषकर रात के समय सड़कों पर मौजूद गौवंश वाहन चालकों को आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे हादसों में गौवंश के साथ ही वाहन चालक और राहगीर भी प्रभावित हो सकते हैं।

हिंदू जागरण मंच ने जिला प्रशासन, नगर निगम, पशुपालन विभाग और ग्राम पंचायतों से आपसी समन्वय बनाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

संगठन ने रखीं ये प्रमुख मांगें

प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से गौवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए। पर्याप्त क्षमता वाले गौशाला और गौ संरक्षण केंद्रों की व्यवस्था की जाए। घायल गौवंश के उपचार के लिए तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। आसपास के गांवों में पशुपालकों को जागरूक किया जाए। मवेशियों को खुले में छोड़ने की समस्या पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश की मौत रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

हिंदू जागरण मंच ने प्रशासन से गौवंश की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि सड़कों पर गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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