बेटियों से दरिंदगी पर फूटा गुस्सा, ‘जीवनदान’ ने न्यायालय के सामने किया प्रदर्शन
राजनांदगांव। देश और प्रदेश में बेटियों के साथ बढ़ रहे दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामलों के खिलाफ आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने और पीड़ित बेटियों को जल्द न्याय दिलाने की मांग को लेकर जीवनदान सेवा संस्था ने न्यायालय परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संस्था ने दोटूक शब्दों में कहा कि अब न्याय के लिए मोमबत्तियां जलाने (कैंडल मार्च) के बजाय न्यायालयों के सामने आवाज बुलंद करने का समय आ गया है।
प्रदर्शन के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने वर्तमान न्याय प्रणाली की कतिपय विसंगतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म और हत्या जैसे संवेदनशील मामलों में भी अदालती फैसला आने में अत्यधिक देरी होती है। इस लंबी कानूनी प्रक्रिया का फायदा उठाकर अपराधी किसी न किसी तरह से कानूनी राहत या रियायत पा लेते हैं। यही कारण है कि अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और वे बेखौफ होकर क्रूर से क्रूरतम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
संस्था के सदस्यों ने हाल ही में छत्तीसगढ़ की सीमाओं से परे, राजस्थान में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ 32 लोगों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऐसे संवेदनशील मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोजाना हो। दोषियों को किसी भी हाल में रियायत न दी जाए और सीधे मृत्युदंड का प्रावधान हो। जब तक कानून व्यवस्था में कड़े बदलाव नहीं होंगे, तब तक समाज को भयमुक्त करना और बेटियों को सुरक्षित रखना असंभव है।
संस्था ने देशवासियों से एक विशेष और वैचारिक अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि विरोध का तरीका बदला जाए। जब भी ऐसी कोई दुखद घटना घटे, तो सड़कों पर कैंडल मार्च निकालने या रैलियां करने के बजाय सीधे न्यायालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाए। इससे न्याय व्यवस्था और प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बनेगा। संस्था ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी वे ऐसे मामलों के विरोध में केवल न्यायालय के समक्ष ही अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
इस राष्ट्रव्यापी चिंता और स्थानीय आक्रोश के बीच आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। इनमें मुख्य रूप से हिंदू जागरण मंच जिला संयोजक सुशील लड्ढा, बल्लू गुप्ता, रोहित तिवारी, जीवनदान सेवा संस्था के महेंद्र लाल जंघेल, हरीश भानुशाली, चंदन साहू, यश साहू, राकेश साहू, अमर जंघेल, प्रवीण वर्मा सहित अन्य सदस्य एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
