SIR पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार: 2018 में खुद मांगी थी फर्जी वोटों की जांच, अब राजनीति क्यों – दिलीप वर्मा
मोहला – भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दिलीप वर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को जनता के सामने पूरे तथ्य रखने चाहिए।
दिलीप वर्मा ने याद दिलाया कि सितंबर 2018 में कांग्रेस ने स्वयं निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देकर प्रदेश में 8 लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। जब कांग्रेस खुद मतदाता सूची के सत्यापन की पक्षधर रही है, तो अब SIR की प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही है?
भाजपा जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, देश में समय-समय पर गहन पुनरीक्षण होता रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी बिहार SIR मामले में निर्वाचन आयोग के अधिकारों और प्रक्रिया को स्वीकार किया है। वर्मा ने कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम कटना गंभीर विषय है और मृत या दोहरी प्रविष्टियों को हटाना भी निष्पक्ष चुनाव के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से केवल बयानबाजी के बजाय ठोस दावों व दस्तावेजों के साथ सामने आने की अपील की, ताकि पारदर्शी व सटीक मतदाता सूची तैयार हो सके।
बिना विधायक के हुआ प्रदर्शन कांग्रेस के राजनीतिक नेतृत्व पर बड़ा सवाल – पवन गुप्ता
वहीं भाजपा नेता पवन गुप्ता ने भी कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उनके प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए है। मोहला में सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध मार्च एवं पुतला दहन प्रदर्शन को लेकर नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी के उपाध्यक्ष पवन गुप्ता ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस प्रदर्शन में क्षेत्र की दोनों विधानसभा सीटों के विधायक ही नजर नहीं आएं, वह कांग्रेस के संगठन और नेतृत्व की स्थिति पर अपने आप में सवाल खड़े करता है।
पवन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में प्रदर्शन तो किया, लेकिन प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि ही मौके पर मौजूद नहीं रहे। ऐसे में कांग्रेस को पहले यह जवाब देना चाहिए कि आखिर अपने ही आंदोलन में उसके विधायक क्यों दिखाई नहीं दिए।
उन्होंने कहा, जिस प्रदर्शन में दोनों विधानसभा के विधायक नहीं हैं, उस प्रदर्शन में कांग्रेस किस नेतृत्व के साथ जनता के सामने खड़ी है? पुतला जलाने से पहले कांग्रेस को अपने राजनीतिक नेतृत्व की स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए।
