ओबीसी महासभा की रणनीतिक बैठक, दुर्ग संभाग से होगी कैडर कैंप की शुरुआत

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राजनांदगांव। ओबीसी महासभा को गांव-गांव तक पहुंचाने और कैडर को वैचारिक रूप से मजबूत करने के लिए संगठन ने कमर कस ली है। प्रदेश अध्यक्ष के आकस्मिक राजनांदगांव प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में एक हाई-लेवल रणनीतिक बैठक हुई। इसमें संभाग स्तर पर संगठन विस्तार और नए कैडर निर्माण को लेकर घंटों गहन मंथन चला। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि आगामी 26 जुलाई को राजनांदगांव के साहू सदन में दुर्ग संभाग स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
महासभा ने इस पूरे अभियान के लिए दुर्ग संभाग को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। दुर्ग संभाग के इस शिविर के मॉडल के आधार पर ही आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण शिविर (कैडर कैंप) आयोजित किए जाएंगे।
दुर्ग संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारियों को इस शिविर में शामिल होना है। प्रत्येक जिले से 20-20 सक्रिय प्रतिभागियों को भेजने का लक्ष्य तय किया गया है। नेतृत्व ने सभी जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों से शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों की सूची कैडर प्रभारी के पास अनिवार्य रूप से जमा कराएं। बाकी संभागों में शिविर की तारीखें स्थानीय टीम से चर्चा के बाद जल्द घोषित होंगी।
बैठक में केवल संगठन विस्तार पर ही बात नहीं हुई, बल्कि ओबीसी समाज के ज्वलंत मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में किए जाने वाले बड़े आंदोलनों का रोडमैप भी तैयार किया गया। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि ओबीसी महासभा समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक उम्मीद बनकर उभरी है। अब लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर इतना मजबूत करना है कि समाज का हर व्यक्ति इससे जुड़ सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश महासचिव द्वय ओबीसी युगल किशोर व एडवोकेट महेंद्र वर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष महावीर कलिहारी, प्रदेश सहसचिव मनसुखदास साहू, जिला अध्यक्ष नरेश गंजीर, पूर्व जिला अध्यक्ष खिलेश्वर पाल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती कांति मौर्या, जिला महासचिव श्रीमती मीरा साहू, जिला उपाध्यक्ष श्री सिन्हा एवं मोहनलाल जंघेल सहित संभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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